Have you-2?

When the hopes are gone,
And the sky feels like a lonely humane,
Have you ever felt like giving up on life?

When everything seems possible,
And luck seems going your way,
Have you ever felt like giving everything to someone?

When you don’t care anymore,
And life seems out of bounds,
Have you ever felt like carrying the entire burden?

When your soul reaches into darkness,
And prayers didn’t get answered,
Have you ever felt like being an atheist?

When you didn’t get the answers,
And your questions didn’t feel reasonable,
Have you ever felt like asking the questions again?

When you couldn’t quit on your habits,
And every possibility fades away,
Have you ever felt like trying again for one more time?

When scars don’t scare you anymore,
And pain seems reasonable to you,
Have you ever felt like sharing it with someone?

When life doesn’t give you what you want,
And wanting in your life doesn’t matter anymore,
Have you ever felt like nothing is beyond reachable?

When god answers all the prayers,
And you feel miserable about your life,
Have your ever felt like life has given so much to cheer about?

When roads to destiny seem endless,
And every door seems like closing away,
Have you ever felt like finding a new path, a new door?

When dreams awake you from sleep,
And life seems like atrocity of reality,
Have you ever felt like to live in dreams only?

When you’re getting older every day,
And you find it difficult to live life,
Have you ever felt like being a child again?

When trees are young, nobody cares for them. But when they are old, all you want is shelter from them. Such is life, we get old, we get experience and we move on. Life takes different characters at different stages. Be aware about your character in your stage of life.

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यकीन

कुछ तो यूँ होता,
ज़रा सा दिल में सुकून होता,
कुछ ख्वाइशें होती मोहब्बत जैसी,
कुछ तो खुद पे यकीन होता,

कुछ ख्वाब होते पिघले से तकियों पे,
कुछ तो मोहब्बत का जुनून होता,
कुछ शबनम की तरह होते अश्क़ अपने,
कुछ तो जिंदगी पे यकीन होता,

कुछ तो आस लगाई होती इश्क़ में,
कुछ तो साँसों में सुकून होता,
कुछ मुस्कुराहटें थी जैसे आईना दिल का,
कुछ तो मोहब्बत को हम पे यकीन होता,

कुछ धड़कने होती जुदा काफ़िर सी,
कुछ तो मरने का सुकून होता,
कुछ कर देते हम भी इज़हार अपनी मोहब्बत का,
कुछ तो उसकी मोहब्बत पे यकीन होता,

#इश्क़ #हसरतें #आइना

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गुनाह

हमसे यूँ ही झूठ कहते रहते हो,
कभी हमारी हक़ीक़तें भी सुना करो,

हम कैसे यकीन करें तुम्हारी बातों को,
कुछ हमसे हमारी बातें भी किया करो,

नासाज से हैं हम कुछ तेरे बगैर,
यूँ अपनी बातों से बेबस ना किया करो,

कुछ खत लिखे हैं तुम्हे मैने मोहब्बत में,
आईने के सामने कभी उन खतों को पढ़ा करो,

कुछ ख्वाब छुपा रखे हैं तुम्हारी खातिर तकिये के नीचे,
कभी फ़ुर्सत मिले तो उन ख्वाबों से मिला करो,

चाँद तकता रहा तुम्हे रात भर कई दफ़ा,
हम अपने चाँद की तलाश में रात भर जगते रहे,

एक उम्र गुज़ार दी इंतेज़ार में तुम्हारे प्यार के,
हम कैसे कह दें की हम इश्क़ ना करते रहे,

खुद ही से बेखुद सा हूँ इश्क़ के इम्तिहानों में,
कुछ इम्तिहान बेखुद से कुछ खुद से इश्क़ करते रहे,

नाम भी ना बता पाए किसी को अपने इश्क़ का,
जैसे इश्क़ में इश्क़ से गुनाह करते रहे,

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Have you?

When the days are dark,
And the nights are strong,
Have you ever felt like singing a song?

When hopes are dim,
And chances are thin,
Have you ever felt like praying to god?

When the lights fade away,
And the stars shine in the sky,
Have you ever felt like you’ll cry?

When the rain drenches the soul,
And heart goes on a struggle,
Have you ever felt like making love to someone?

When it hurts when it pains,
And no hope nothing remains,
Have you ever felt like to be hugged again?

When your scars reminds you of a memory,
And everything around you looks scary,
Have you ever felt an urge to find a shelter for your soul?

When dreams are scattered like fragile lips,
And you’re drown into like an ocean abyss,
Have you ever felt like following your dreams again?

When your heart aches like a broken glass,
And everything seems like a distance apart,
Have you ever felt like moving on in life?

When life doesn’t give any hope,
And memories felt like an uncanny cage,
Have you ever felt like missing someone who is gone?

When you find serenity within chaos,
And rage feels like endless suppress,
Have you ever felt like calling someone to hear their voice?

Everything about love is not chaotic but everything about hate creates chaos.

#Love #Life #Desire

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रूठा ना करो हमसे, हमे मनाना नही आता

तुमसे तुम्हारी ही बातें करते रहते हैं,
मानो जैसे प्यार से प्यार की बातें करते रहते हैं,

कुछ तो बात है तुम्हारी बातों में,
मानो जैसे तुमसे तुम्हारी ही बातें करते हों,

तुम्हारी हर अदा हर मुस्कान है मोहब्बत वाली,
मानो रूठ के भी तुम हमसे ही बात करती हो,

हर ख़याल हर ज़ज्बात है जैसे तुमसे मिला हुआ कहीं,
मानो ख्यालों को तुम सजदे में रखा करती हो,

देखा है जब भी तुम्हे मुस्कुराते हुए सामने कभी,
मानो मुस्कुराहट मुस्कान से बात करती हो,

जानते हैं हमको मानना नही आता तुमको,
मानो तुम रूठ के भी हमसे मान जाने की बात करती हो,

तुम्हारी निगाहें हैं जैसे आईना हमारा,
मानो हम खुद से खुद की बात करते हों,

तुम्हे गले लगाए बड़ी शिद्दत है ये मेरी,
मानो खुद से रूठ के खुद को मनाने की बात करते हों,

हम भी हैं कुछ उलझे हुई तुम्हारी मोहब्बत में,
मानो तुम अपनी ज़ुल्फ़ों से शरारत करती हो,

चले आओ एक बार यकीन दिलाने को मोहब्बत का,
मानो मोहब्बत को मोहब्बत से मिलाने की बात करती हो|

#आईना #इश्क़ #हसरतें

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आइना – २

पानी की बूँदें ओस की तरह उसके चेहरे पे आके गिरी। एक पल के लिए वो सकपका गया, फिर नजरे उठा के देखा तो माँ उसके सिरहाने पे बैठी थी।माँ ने उसके सिर को सहलाया और पूछा, क्या हुआ? देर कैसे हो गयी तुझे आज। दफ्तर नहीं जाना है क्या, दस बजने वाले हैं। माँ की बातें सुनके वो थोड़ा उठके बैठा और कहा, आज देर से जाऊँगा। मुझे बाजार में थोड़ा काम है। माँ ने उसके चेहरे की तरफ फिर से देखा और कहा, क्या बात है बेटा? तू बहुत उदास लग रहा है और मुझे ये भी आभास हो रहा है जैसे तू रात भर सोया नहीं है। तेरी पलकें बड़ी भारी भारी सी लग रही हैं। माँ की बातें सुनके उसने कहा, नहीं माँ ऐसा कुछ नही है।मैं एकदम ठीक हूँ, बस रात को ठीक से नींद नहीं आई। माँ ने कहा ठीक है, जल्दी से तैयार हो जा तो मैं खाना बना दूँ, खाना खाके जाना और ये कहके माँ उसके कमरे से चली गयी। माँ के जाने के बाद उसने फ़ोन उठाया और देखा उसमे कुछ मैसेजेस पड़े हुए थे। उसने बाकि सब मैसेजेस को देखना जरुरी नहीं समझा। उसकी नजरे सीधे एक नाम के आगे टिक गयी, आइना। उसने जल्दी से मैसेजेस पढ़े और एक मैसेज को देख के उसके चेहरे के हाव भाव बदल से गए। उसके चेहरे पे थोड़ी परेशानी सी उभर आई थी। वो जल्दी से तैयार हुआ और बाजार की तरफ निकल पड़ा, उसने माँ की बात को नजरअंदाज किया और निकलते निकलते कह गया, माँ मेरा इंतज़ार मत करना मै  देर से आऊँगा। रास्ते पे जाते जाते उसने फ़ोन निकला और अपने बॉस का नंबर डायल कर दिया। बॉस ने पूछा, क्या हुआ रजत? बहुत परेशान लग रहे हो! रजत की आँखों में थोड़ी नमी सी थी।उसने एक लम्बी साँस ली और कहा, मैं आज दफ्तर नहीं आ पाउँगा। माँ की तबियत ख़राब है। बॉस ने कहा, ठीक है, तुम अपनी माँ का ख्याल रखो,और ज्यादा दिन की छुट्टी चाहिए तो मुझे बता देना। रजत ने शुक्रिया कहके फ़ोन काट दिया और दुबारा फ़ोन लगाया। लकिन इस बार ये फ़ोन बॉस को नहीं था। फ़ोन की स्क्रीन पर जो नाम आ रहा था, वो था आइना। फ़ोन उठा और बड़ी देर बाद एक आवाज रजत को सुनाई दी। रजत आवाज की परेशानी को पहचान गया था लकिन उसने बड़े इत्मीनान से पूछा, आइना, क्या हुआ? तुम इतनी परेशान क्यों हो? फिर से दूसरी तरफ ख़ामोशी थी। अब आवाज में और ज्यादा नमी थी। बड़ी दबी सी आवाज में आइना ने कहा, रजत, मेरे पापा को हमारे बारे में पता चल गया है। वो नहीं चाहते हम एक दूसरे से मिलें या हमारे बीच में किसी भी तरह का रिश्ता हो।रजत, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी। मुझे यहाँ से ले जाओ, अब ये घर मुझे काटने को दौड़ता है।रजत ने कहा, सब्र रखो आइना। सब ठीक हो जायेगा, मैं हूँ न तुम्हारे साथ, फिर क्यों परेशान होती हो।शाम को मिलते हैं, फिर से वहीँ मेरे दफ्तर की कैंटीन में|मैं रोज की तरह तुम्हारा इंतज़ार करूँगा, आना जरूर। और आइना ने जैसे ख़ामोशी में ही हाँ कह दी हो, इस बात को समझ के रजत ने फ़ोन काट दिया।रजत अब बस शाम के इंतज़ार में था, फिर अपनी आइना से मिलने का इंतज़ार। 

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#आइना #इश्क़ #हसरतें